जब जब हमारी मुलाकात उनसे होती थी, ना तो हमे किसी भी चीज़ का होश रहता की कब शाम और कब सुबह होती थी।

बीना बोले ही ईश्क हो जाता है जब सामने खड़ा हो दिलबर तब , शब्दों की कहां जरूरत पड़ती है आंखो ही आंखों से इकरार हो जाता है।

दिल में तुम अपने झांक के देखना कभी भी अगर अंदर मेरा ही नाम दिखाई दे , तो समझो बेपनाह मोहब्बत करते हैं हम तुम्हे अभी भी।

हमारी मुस्कुराहट की वजह भी सिर्फ आप हो, आप ही हो हमारी जिंदगी आप ही हो हमारी पहचान और धड़कते हुए इस दिल की आवाज भी आप हो।

वो पगली हमें कुछ इस तरह से प्यार करती है, चलते फिरते सिर्फ़ हमारी ही बाते करती हैं और आ जाएं जब कोई मुश्किल तब बस हमें ही पुकार करती है।

जल्दबाजी आशिकी में कभी किया नहीं करते और होते है जो सच्चे आशिक वह अपना दिल सब को दीया नहीं करते।